ईरानी द्वीपों पर हमला हुआ तो फारस की खाड़ी में बहेंगी खून की नदियां, ईरान की कड़ी चेतावनी

तेहरान: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका और इजरायल को लेकर तीखी चेतावनी दी है। ईरानी संसद के स्पीकर एमबी ग़ालिबाफ ने कहा है कि अगर ईरान के किसी भी द्वीप पर हमला किया गया तो उसका जवाब बेहद कठोर होगा और हमलावरों का खून फारस की खाड़ी में बहा दिया जाएगा। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “वतन या मौत… ईरानी द्वीपों की मिट्टी पर कोई भी हमला सभी संयम की सीमाएं तोड़ देगा। हम सभी संयम त्याग देंगे और आक्रमणकारियों के खून से फारस की खाड़ी को लाल कर देंगे। अमेरिकी सैनिकों का खून ट्रंप की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी।”

अमेरिका और इजरायल के हमलों से बढ़ा तनाव

यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच सैन्य तनाव तेजी से बढ़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर हवाई हमले जारी हैं। इसी के जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अपने द्वीपों की सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अपनाया है।

ईरानी नेतृत्व ने विशेष रूप से खाड़ी के महत्वपूर्ण द्वीपों पर किसी भी हमले या कब्जे की कोशिश को गंभीर परिणामों की चेतावनी दी है। ग़ालिबाफ ने साफ कहा कि अगर ऐसा कोई कदम उठाया गया तो ईरान बिना किसी रोक-टोक के पूरी ताकत से जवाब देगा।

खाड़ी क्षेत्र में हमलों की घटनाएं बढ़ीं

तनाव बढ़ने के साथ ही खाड़ी क्षेत्र में जहाजों, तेल टैंकरों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमलों की घटनाएं भी बढ़ी हैं। क्षेत्रीय हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और कई देशों ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

ईरान की ओर से यह भी संकेत दिया गया है कि यदि संघर्ष और बढ़ता है तो खाड़ी क्षेत्र के सामरिक ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है। इससे पूरे क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं और गहरी हो गई हैं।

अमेरिका और इजरायल के सहयोगियों पर भी बढ़ा दबाव

मौजूदा हालात में ईरान ने अमेरिका और इजरायल के सहयोगी देशों पर भी दबाव बढ़ा दिया है। खाड़ी क्षेत्र के कई बंदरगाहों और ऊर्जा केंद्रों को लेकर हमलों की खबरें सामने आ रही हैं। बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और इराक के बंदरगाहों को लेकर भी तनाव बढ़ने की बात कही जा रही है।

इस संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दिखने लगा है। रिपोर्ट्स के अनुसार हालात बिगड़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है।

आत्मसमर्पण की मांग और अंतरराष्ट्रीय चिंता

इस बीच अमेरिकी प्रशासन ने ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग की है। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा जा रहा है कि हालात और बिगड़ने पर जमीनी सैनिकों की तैनाती की संभावना पर चर्चा हो रही है।

उधर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी क्षेत्र में बढ़ते हमलों को रोकने के लिए प्रस्ताव पारित किया, लेकिन ईरान ने इस प्रस्ताव को नजरअंदाज कर दिया। बढ़ते सैन्य तनाव के कारण पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में अनिश्चितता और चिंता का माहौल बना हुआ है।

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